Pulwama attack hamla 2019 by Aarmy



इस्‍लामाबाद। जम्‍मू कश्‍मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले के बाद से ही पाकिस्‍तान में भी अफरा-तफरी का माहौल है। पाकिस्‍तान की ओर से भले हर हमले में हाथ होने से इनकार कर दिया गया हो लेकिन कहीं न कहीं उस पर अंतरराष्‍ट्रीय दबाव बढ़ता जा रहा है। इसी दबाव का नतीजा है कि पाक ने अपनी सेनाओं को जम्‍मू कश्‍मीर से सटी एलओसी और इंटरनेशनल बॉर्डर पर हाई अलर्ट पर रख दिया है। भारत की ओर से पाकिस्‍तान पर दबाव बनाने के लिए अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय के बीच सभी डिप्‍लोमैटिक कदम उठाए जा रहे हैं। पाक अब इसी दबाव के चलते थोड़ा परेशान हो रहा है। पुलवामा में हुए आतंकी हमले में करीब 40 जवान शहीद हो गए और कुछ घायल हैं। इस हमले के साथ ही घाटी में दो दशकों बाद सबसे खतरनाक हमला देखा गया।
भारत ने दी बदला लेने की वॉर्निंग

भारत ने शुक्रवार को साफतौर पर पुलवामा हमले के लिए पाकिस्‍तान को दोषी ठहराया है। इसके साथ ही भारत के विदेश मंत्रालय के अधिकारी यूनाइटेड नेशंस सिक्‍यो‍रिटी काउंसिल के पी5 देशों से मुलाकात करने में लग गए।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भी पाकिस्‍तान को बदले की चेतावनी दी गई है। उन्‍होंने साफ कर दिया है कि सेनाएं तय करें कि उन्‍हें इस हमले का बदला कैसे लेना है। सरकार की ओर से सेनाओं को पूरी छूट दे दी गई है। पाकिस्‍तान ने भी पी5 देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और पुलवामा हमले को भारत का प्रपोगेंडा बताया।

अपनी साख बचाने में जुटा पाकिस्‍तान

पाक की विदेश सचिव तहमिना जंजुआ ने पी5 देशों अमेरिका, चीन, रूस, ब्रिटेन और फ्रांस के राजदूतों से मुलाकात की। इसके अलावा विदेश मंत्रालय की ओर से स्थिति के बारे में जानकारी दी गई है। पाक का कहना है कि बिना किसी सुबूत के भारत पर झूठे इल्‍जाम लगा रहा है। शुक्रवार को अमेरिकी राजदूत पॉल जोन्‍स ने पाकिस्‍तान की विदेश सचिव तहमिना जंजुआ को तलब किया। जोन्‍स ने तहमिना को अपने राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की ओर से एक कड़ा संदेश देने के लिए बुलाया था।
[16/02 10:54 pm] Available: पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त भारत आने के बाद विदेश मंत्रालय पहुंचे।
श्रीनगर/नई दिल्ली. कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले में 40 जवानों की शहादत से देश में गुस्सा है और सरकार एक्शन में नजर आ रही है। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- मैं शुक्रवार की बात दोहराना चाहता हूं। पुलवामा हमले के गुनहगार चाहे जहां छुपे हों, वो बच नहीं पाएंगे। इसके पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्युरिटी यानी सीसीएस की बैठक हुई। पीएम ने शहीदों को परिक्रमा कर श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने तमाम सुरक्षा बलों के प्रमुखों के साथ एक मैरॉथन मीटिंग की। शनिवार को एक अहम खबर पाकिस्तान से भी आई। वहां सऊदी प्रिंस की यात्रा की बेसब्री से प्रतीक्षा की जा रही थी। लेकिन उनका दौरा एक दिन टल गया। खबरें ये भी हैं कि सऊदी भारत की नाराजगी मोल नहीं लेना चाहता इसलिए ये दौरा टल सकता है। अमेरिकी एनएसए जॉन बोल्टन ने कहा- भारत को अपनी रक्षा का पूरा हक है। और हम भारत के साथ हैं। पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया विदेश मंत्रालय पहुंचे। शनिवार को ही ऑल पार्टी मीटिंग हुई और इसमें तमाम दलों ने सरकार को समर्थन का भरोसा दिया। उरी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक की कमान संभालने वाले लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) जनरल डीएस हूडा ने पुलवामा हमले पर कहा- इसमें साफतौर पर पाकिस्तान का हाथ है। इसका जवाब देना बेहद जरूरी है। मीडिया से बातचीत में राजनाथ ने कहा- यहां कुछ लोग हैं जो पाकिस्तान और आईएसआई से पैसा लेते हैं। मैंने अफसरों से कहा है कि इन लोगों को जो सुरक्षा दी गई है उस पर फिर से विचार करें। पुलवामा हमले के बाद देश गुस्से में है लेकिन पंजाब के मिनिस्टर नवजोत सिंह सिद्धू ने बातचीत की पैरवी की। नतीजा ये हुआ कि कांग्रेस ने तो कोई कार्रवाई नहीं की

इस्‍लामाबाद। जम्‍मू कश्‍मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले के बाद से ही पाकिस्‍तान में भी अफरा-तफरी का माहौल है। पाकिस्‍तान की ओर से भले हर हमले में हाथ होने से इनकार कर दिया गया हो लेकिन कहीं न कहीं उस पर अंतरराष्‍ट्रीय दबाव बढ़ता जा रहा है। इसी दबाव का नतीजा है कि पाक ने अपनी सेनाओं को जम्‍मू कश्‍मीर से सटी एलओसी और इंटरनेशनल बॉर्डर पर हाई अलर्ट पर रख दिया है। भारत की ओर से पाकिस्‍तान पर दबाव बनाने के लिए अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय के बीच सभी डिप्‍लोमैटिक कदम उठाए जा रहे हैं। पाक अब इसी दबाव के चलते थोड़ा परेशान हो रहा है। पुलवामा में हुए आतंकी हमले में करीब 40 जवान शहीद हो गए और कुछ घायल हैं। इस हमले के साथ ही घाटी में दो दशकों बाद सबसे खतरनाक हमला देखा गया।
भारत ने दी बदला लेने की वॉर्निंग

भारत ने शुक्रवार को साफतौर पर पुलवामा हमले के लिए पाकिस्‍तान को दोषी ठहराया है। इसके साथ ही भारत के विदेश मंत्रालय के अधिकारी यूनाइटेड नेशंस सिक्‍यो‍रिटी काउंसिल के पी5 देशों से मुलाकात करने में लग गए।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भी पाकिस्‍तान को बदले की चेतावनी दी गई है। उन्‍होंने साफ कर दिया है कि सेनाएं तय करें कि उन्‍हें इस हमले का बदला कैसे लेना है। सरकार की ओर से सेनाओं को पूरी छूट दे दी गई है। पाकिस्‍तान ने भी पी5 देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और पुलवामा हमले को भारत का प्रपोगेंडा बताया।

अपनी साख बचाने में जुटा पाकिस्‍तान

पाक की विदेश सचिव तहमिना जंजुआ ने पी5 देशों अमेरिका, चीन, रूस, ब्रिटेन और फ्रांस के राजदूतों से मुलाकात की। इसके अलावा विदेश मंत्रालय की ओर से स्थिति के बारे में जानकारी दी गई है। पाक का कहना है कि बिना किसी सुबूत के भारत पर झूठे इल्‍जाम लगा रहा है। शुक्रवार को अमेरिकी राजदूत पॉल जोन्‍स ने पाकिस्‍तान की विदेश सचिव तहमिना जंजुआ को तलब किया। जोन्‍स ने तहमिना को अपने राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की ओर से एक कड़ा संदेश देने के लिए बुलाया था।
[16/02 10:54 pm] Available: पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त भारत आने के बाद विदेश मंत्रालय पहुंचे।
श्रीनगर/नई दिल्ली. कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले में 40 जवानों की शहादत से देश में गुस्सा है और सरकार एक्शन में नजर आ रही है। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- मैं शुक्रवार की बात दोहराना चाहता हूं। पुलवामा हमले के गुनहगार चाहे जहां छुपे हों, वो बच नहीं पाएंगे। इसके पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्युरिटी यानी सीसीएस की बैठक हुई। पीएम ने शहीदों को परिक्रमा कर श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने तमाम सुरक्षा बलों के प्रमुखों के साथ एक मैरॉथन मीटिंग की। शनिवार को एक अहम खबर पाकिस्तान से भी आई। वहां सऊदी प्रिंस की यात्रा की बेसब्री से प्रतीक्षा की जा रही थी। लेकिन उनका दौरा एक दिन टल गया। खबरें ये भी हैं कि सऊदी भारत की नाराजगी मोल नहीं लेना चाहता इसलिए ये दौरा टल सकता है। अमेरिकी एनएसए जॉन बोल्टन ने कहा- भारत को अपनी रक्षा का पूरा हक है। और हम भारत के साथ हैं। पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया विदेश मंत्रालय पहुंचे। शनिवार को ही ऑल पार्टी मीटिंग हुई और इसमें तमाम दलों ने सरकार को समर्थन का भरोसा दिया। उरी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक की कमान संभालने वाले लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) जनरल डीएस हूडा ने पुलवामा हमले पर कहा- इसमें साफतौर पर पाकिस्तान का हाथ है। इसका जवाब देना बेहद जरूरी है। मीडिया से बातचीत में राजनाथ ने कहा- यहां कुछ लोग हैं जो पाकिस्तान और आईएसआई से पैसा लेते हैं। मैंने अफसरों से कहा है कि इन लोगों को जो सुरक्षा दी गई है उस पर फिर से विचार करें। पुलवामा हमले के बाद देश गुस्से में है लेकिन पंजाब के मिनिस्टर नवजोत सिंह सिद्धू ने बातचीत की पैरवी की। नतीजा ये हुआ कि कांग्रेस ने तो कोई कार्रवाई नहीं की

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